कोरोनावायरस के कारण पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान किया गया है क्योंकि इससे बचने का एकमात्र विकल्प घर में बैठना ही है ।जी हां कोरोना वायरस के बढ़ते संकम्रण के कारण लागू किए गए लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों, को अनेक प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.ये मज़दूर ऐसे वक्त में अपने परिवार से दूर हैं।कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन किए जाने के बाद यातायात की सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई है सड़क यात्रा से लेकर रेलवे व हवाई यात्रा सब पर अभी प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसलिए तो कुछ मजदूर पैदल ही अपने घरो के लिए निकल पडे थे।
लेकिन क्या आपको ऐसा नही लगता कि इस लॉकडाउन से आम लोग तो कोरोना से बच जाएंगे लेकिन देश के उन मजदूर तबके के लोगो का क्या? उन्हें ही इस लॉकडाउन में बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.लॉकडाउन से प्रवासी मजदूरों की रोजी-रोटी छिन गई है. इन मजदूरों को भुखमरी का डर सता रहा है.

लेकिन मुख्य रूप से देखा जाए तो ये समस्या बिहार राज्य के मजदूरों की अधिक है बात करें दिल्ली, मुंबई व चैन्नई की हर राज्य में बिहार के मजदूरों के फंसे होने की खबरें आती ही रहती है। लेकिन इन मजदूरों की सूद कोई लेता हुआ नजर नही आ रहा है। बिहार सरकार तो लगातार चुप बैठी है मानो इन मज़दूरों का बिहार राज्य से कुछ लेना देना ही नहीं है।

इसलिए The News 1 लगातार उन मजदूरों की आवाज बनकर सरकार तक उनकी बात पहुचाने का काम कर रहा है।इस कड़ी में आज हम बात कर रहे हैं बिहार के रहने वाले उन लोगो की जो उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के लुक्सर गाँव के पास भुखे फंसे हुए है इन लोगो ने The News 1को एक वीडियो संदेश भेजा है जिसमें ये लोग बता रहे हैं कि किस तरह वो इस लॉक डाउन में जीवन काट रहे हैं इस वीडियो में महिला मजदूरों ने भी अपनी बदहाली बताई है। इन महिलाओं का कहना है लॉकडाउन के कारण उन्हें खाना नही मिल रहा है, उनके बच्चो को भी भूखा रहना पड़ रहा है।महिलाओं की बेबसी इस वीडियो में साफ दिख रही है।

ऐसे मे The News1 लगातार ये सवाल उठा रहा है कि नीतीश सरकार इन मजदूरों के लिए कोई बड़े कदम क्यो नही उठा रही है। अगर बिहार के अलग-अलग राज्यो में फसे प्रवासी मजदूरों के लिए शहर में ही रहने और खाने की कोई व्यवस्था कर दें तो ये मजदूर घर जाने के लिए इतने परेशान न होते और न ही स्थिति इतनी ख़राब होती। ।

The News 1 की पूरी टीम आपसे अनुरोध करती है कि इस वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ शेयर करें ताकि The News1 लगातार उन मज़दूरों की आवाज बनकर सरकार तक उनकी बात पहुंचा सके।

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