देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए सरकार ने 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान देश में आपातकालीन और जरूरी सेवाओं के अलावा लगभग सभी सेवाएँ पूरी तरह बंद हैं।चलिए जानते हैं कि आखिर पीएम मोदी के 21 दिन के लॉकडाउन के फैसले से देश में क्या बदलाव देखने को मिलेंगे :

 नौकरियों पर लॉकडाउन का क्या होगा?

लॉक डाउन के कारण दैनिक वेतन पर निर्भर रहने वाले लेबर पर काफी प्रभाव पड़ा है । देश में लॉकडाउन होने के बावजूद बड़ी संख्या में लेबर अपने परिवार समेत अपने मूल निवास को पलायन कर गए थे। साथ कुछ  कंपनियों ने भी ऐसे संकेत दिये हैं कि लॉक डाउन के खत्म होने के बाद वे स्थिति को कंट्रोल  करने के लिए अपने कर्मचारियों की छटनी कर सकते हैं।ऐसे मे देश मे बेरोजगारी का स्तर बढ़ सकता है।

 असंगठित क्षेत्र पर लॉक डाउन का क्या असर होगा?

जब हम भारत की बात करते हैं तो देश की 65- 70 प्रतिशत अर्थव्यवस्था असंगठित है, ऐसे में लॉक डाउन से सबसे अधिक प्रभाव रेहड़ी वाले और ऑटो ड्राइवर जैसे लोगों पर पड़ा है। इन लोगो के लिए वापस से अपने व्यवसाय को खड़ा करना एक चुनौती भरा काम रहेगा।

 इंडस्ट्री पर लॉक डाउन का क्या प्रभाव होगा?

 ज लॉक डाउन के चलते होटल, टूरिज़्म, लॉजिस्टिक और एविएशन इंडस्ट्री पर काफी बुरा प्रभाव देखने को मिल रहा है।क्योंकि लॉकडाउन ने पूरी ट्रेवल इंडस्ट्री को प्रभावित किया है । साथ ही होटल को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।सभी अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा पर रोक लगा दी गई है जिसने टूरिज्म पर रोक लगा दी है।

 लॉकडाउन का किसानों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

जी हां देश मे लॉक डाउन ऐसे समय में हुआ है जब किसानों  की फसलें, खासकर गेंहू की फसल  लगभग कटने को तैयार है, ऐसे में देश  मे लॉक डाउन किसानों को परेशान कर सकता है। किसानों के लिए ये लॉकडाउन  एक बड़ा झटका है, किसानों को लॉक डाउन से उबरने मे काफी समय लग सकता है उनके लिए यह स्थिति किसी चुनौती से कम नहीं है।भारत मे वैसे भी किसानों की दशा हमेशा ख़राब रही है ऐसे मे देश का लॉक डाउन किसानों की कमर ही तोड़ देगा।

 लॉकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था को कितना होगा नुकसान ?

बार्कलेज बैंक की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन से देश को 120 अरब डॉलर यानी 9.15 लाख करोड़ के नुकसान का होने का अनुमान लगया गया है। रिपोर्ट के अनुसार देश में हुए लॉकडाउन की वजह से इंडियन इकोनॉमी को करीब 120 अरब डॉलर का नुकसान होने का अनुमान हो सकता है। यह नुकसान कुल जीडीपी का 4 फीसदी है।

पूरा देश कोरोना के कारण लॉक डाउन है ऐसे मे लोगो को आने वाली चुनोतियों के लिए तैयार रहना होगा सरकार भी अपने तरह से बड़े कदम उठा रही है ताकि देश की स्थिति को ठीक किया जा सके लेकिन आने वाला समय सभी लोगो के लिए चुनौती से भरा होगा दोबारा जीवन को पटरी पर लाने में काफी समय लग सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here