छात्रों और मजदूरों को लाने को लेकर सियासी घमासान जारी

पूरा देश वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण के संकट से गुजर रहा है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जारी देशव्यापी लॉकडाउन में प्रवासी मजदूर, विद्यार्थी और पर्यटक देश के अलग- अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं। लेकिन, इस दौरान भी बिहार में पक्ष और विपक्ष में छात्रों और प्रवासी मजदूरों को लाने को लेकर सियासी घमासान जारी है। जी हां आपको बता दें कि इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत अन्य नेताओं ने ट्वीट कर नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने अपने पहले ट्वीट में नीतीश सरकार को 2000 बस देने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही उन्होंने पूछा है कि कब बसें भेजूं, ये बताइये। दरअसल, तेजस्वी ने गुरुवार को दो ट्वीट कर बिहार की जदयू-भाजपा की सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि बिहार सरकार ने असमर्थता जताते हुए कहा है कि बाहर फंसे मज़दूरों को वापस लाने के लिए सरकार के पास बसें नहीं है। हम सरकार को 2000 बसें सुपुर्द करने के लिए तैयार हैं। वो नोडल और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में इन बसों का प्रयोग कर सकते है। बसें पटना में कब भेजनी है, बताया जाए।

अपने दूसरे ट्वीट में तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि विगत 15 सालों से सत्ता से चिपके असमर्थ-असहाय लोग कहते हैं कि बिहार सरकार के पास मात्र 500-600 बसें है। हम आपको ग़रीब मज़दूरों की मदद के लिए उससे तीन गुना अधिक बस सौंप रहे हैं। आप इन बसों का अपनी निगरानी में गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्रयोग कीजिए।

दरअसल, लॉकडाउन से संबंधित केंद्र सरकार की नई गाइडलाइनस के बाद बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता व राज्य के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बाहर फंसे हुए बिहार के लोगों को लाने में असमर्थता जताई थी। कहा था कि हमारे पास इतनी बसें नहीं हैं कि हम इतने लोगों को ला सकें। इसको बाद उन्होंने कल गुरुवार को ट्वीट कर केंद्र सरकार से ट्रेनें चलाने की मांग की है।

वहीं नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश साहनी ने ट्वीट कर कहा है कि नीतीश सरकार ने अपने आयोजन मानव श्रृंखला के लगभग दो दर्जन हेलीकॉप्टरों से सरकारी खजाने का लाखों रुपये खर्च कर फोटोग्राफी एवं मॉनिटरिंग कराई थी। तो क्या विभिन्न प्रदेशों में फंसे बिहार के प्रवासी मजदूरों एवं छात्रों को वापस लाने के लिए राज्य सरकार बसों का इंतेजाम नहीं कर सकती?

इसी मामले पर उपेंद्र कुशवाहा ने ट्वीट कर नीतीश सरकार से इस्तीफे की मांग की। आपको बता दें कि उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि प्रवासी विद्यार्थियों और मजदूरों को वापस लाने में आपके हाथ-पांव क्यों फूल रहे हैं YesMan साहब? अपने YesBoss से क्यों नहीं पूछते कि 15 वर्षो में संसाधन, रोजगार सृजन व शिक्षा के नाम पर ढोंग क्यों किया?

माफी मांगकर इस्तीफा दीजिए, जनता अपना इंतजाम कर लेगी।

अब ये देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश सरकार इनके जवाब में क्या कहेगी।

साथ ही ये देखना होगा कि सरकार बाहर फँसे मजदूरों, विद्यार्थियों की मदद किस प्रकार करती है, किस तरह उन्हें अपने राज्य में वापिस लाती है।

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