एक तरफ पूरे देश में कोरोना का कहर है जिसके लिए सम्पूर्ण देश को लॉकडाउन किया गया है ।भारत मे लॉकडाउन 3.0 चल रहा है लेकिन लॉकडाउन 3.0 में सरकार ने थोड़ी छूट दी है।क्योंकि तेजी से आर्थिक हानि को रोकने के लिए कुछ कदम उठाए गए है। उनमें से शराब की दुकानों को दोबारा से खोलना भी शामिल है। तो अब आप ये सोच रहे होंगे कि शराब की दुकानों से अर्थव्यवस्था को क्या और इतना लाभ होता होगा? तो चलिए हम आपको बता देते हैं दरअसल, शराब की बिक्री से राज्यों को सालाना 24% तक की कमाई होती है।

यही नही कुछ दिन पहले पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार से शराब की दुकानें खोलने की इजाजत मांगी थी। लेकिन, सरकार ने उनकी इस मांग को ठुकरा दिया। इसके बाद अमरिंदर सिंह ने अपने  एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था कि उनकी सरकार को 6 हजार 200 करोड़ रुपए की कमाई एक्साइज ड्यूटी से होती है। उन्होंने कहा, ‘मैं ये घाटा कहां से पूरा करूंगा?

अगर हम इन आंकड़ों पर नज़र डालेंगे तो यकीनन आप भी हैरान हो जाएंगे क्योंकि पहले दिन 5 राज्यों में ही 554 करोड़ रुपए की शराब बिक गई। सोमवार को उत्तर प्रदेश में 225 करोड़, महाराष्ट्र में 200 करोड़, राजस्थान में 59 करोड़, कर्नाटक में 45 करोड़ और छत्तीसगढ़ में 25 करोड़ रुपए की शराब बिकी।ये आंकड़े काफी हैरान करने वाले है।

चलिए आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि देश में हर व्यक्ति सालाना 5.7 लीटर शराब पीता है।भारत में शराब पीने वाले भी हर साल बढ़ते जा रहे हैं। 2018 में डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट आई थी। इसके मुताबिक, देश में 2005 में हर व्यक्ति (15 साल से ऊपर) 2.4 लीटर शराब पीता था, लेकिन 2016 में ये खपत 5.7 लीटर हो गई।

अगर बात करें दिल्ली की तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा फैसला लिया है। केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में शराब महंगी कर दी है। दिल्ली सरकार ने शराब खरीद पर ‘स्पेशल कोरोना फीस’ नाम से नया टैक्स लगाया है। जिसके बाद अब शराब MRP पर 70 फीसदी महंगी मिलेगी।

सोशल मीडिया पर कई ऐसी तस्वीरे वायरल हुई है जिसमे यह दिखाया गया है कि शराब की दुकानों पर सोशल डिस्टेसिंग का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया।दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इस बात पर नाराजगी भी जाहिर की है।

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