दिल्ली में भारत के पहले प्लाज़्मा बैंक का उद्घटान आज किया गया। दिल्ली के मुख्या मंत्री अरविन्द केजरीवाल ने उद्घाटन करते हुए लोगो को प्रार्थना की कि जो लोग प्लाज़्मा दान कर सकते है वे आगे बढ़ कर आएं और ज़रुरतमंद लोगों की मदद करें।

दिल्ली सरकार ने ILBS अस्पातल में प्लाज़्मा बैंक की स्थापना की। दिल्ली सरकार ने ट्वीट कर के यह जानकारी साझा की। एक आभासी प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि “काफी वक़्त से कई लोगों को कोरोना वायरस के इलाज के लिए प्लाज़्मा ढूंढ़ने  में परेशानी हो रही थी। आशा करता हूँ कि अब उनकी मुश्किल कुछ हल हुई होगी। उम्मीद करता हूँ कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग प्लाज़्मा दान करने के लिए आएंगे जब तक कोई दान नहीं करेगा, किसी को मिलेगा कैसे?”

मुख्य मंत्री ने बताया कि प्लाज़्मा दान करने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से ठीक हो चुका है और 14 दीन तक कोई सिम्प्टम नहीं है तो वह व्यक्ति प्लाज़्मा दान कर सकता है। प्लाज़्मा थेरेपी में कोरोना से ठीक हुए व्यक्ति का प्लाज़्मा, बीमार व्यक्ति में आधान किया जाता है। जिनकी आयु 18 से 60 वर्ष के बीच है और जिनका वजन 50 किलोग्राम से कम नहीं है, वे भी दान कर सकते हैं। एक व्यक्ति, जिसे मधुमेह या इंसुलिन है, या कैंसर से बचे है, वह दान करने के योग्य नहीं है। यदि किसी व्यक्ति का रक्तचाप 140 या डायस्टोलिक 60 से कम या 90 से अधिक है, तो वह प्लाज्मा दान नहीं कर सकता है। प्लाज्मा दान करने के इच्छुक लोग दिल्ली सरकार के अधिकारियों से 1031 या व्हाट्सएप नंबर – 8800007722 पर संपर्क करके खुद को पंजीकृत कर सकते हैं। आज दोपहर, अरविंद केजरीवाल ने कहा: “COVID-19 से जुड़ी हुई मौतों की संख्या एक ही दिन में (दिल्ली में) कम हो गई है। जब तक कोई वैक्सीन नहीं आता है, तब तक प्लाज्मा उपचार मददगार होगा। हम उम्मीद कर रहे हैं कि मौतों की संख्या कम हो जाएगी।

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