बिहार के मुख्या मंत्री नितीश का आने वाले विधानसभा चुनाव का एजेंडा बोहोत साफ़ है। चुनाव प्रचार में वे लगातार लालू की सरकार के 15 साल के कुशासन की तुलना अपनी सरकार के 15 साल के राज से कर रहे है।

नितीश, जो अपने कार्यकर्ताओं से ‘आभासी कार्यकर्ता सम्मलेन’ में हर रोज़ बातचीत कर रहे हैं,  उनका मनना है की लोगों को लालू-राबड़ी के 15 साल के राज की याद दिलाना बहुत ज़रूरी है। उनके राज में लोगों में अपने घरो से निकलने का भी खौफ था।  बहुत से सांप्रदायिक दंगे व जातिगत नरसंहार भी लालू सरकार में देखने को मिले। बुधवार को एक कार्यकर्ता सम्मलेन में नितीश ने यह भी कहा की लालू राज के जुर्म का ग्राफ भी बोहोत तेज़ी से बढ़ा है। नितीश का कहना है की सन 2000 के बाद जन्मे नौजवान जो पहली बार वोट करने वाले हैं उन्हें 1990 से लेकर 2005 तक के लालू-राबड़ी राज के बारे में व उस समय बीहार की स्थिति के बारे में बताना बोहोत ज़रूरी है।

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