बिहार में एक बार फिर बारिश ने केहर बरसाया है। भारी बारिश के बाद तिलावे नदी का जल स्तर बढ़ने पर नदी का बांध टूटा और क्षेत्र में बाढ़ आ गयी।

जान नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण नेपाली गांव औरैया के पूरब होकर बाढ़ का पानी बॉर्डर के पिलर संख्या 347/1 के समीप से भारतीय क्षेत्रों में तेजी से प्रवेश कर रहा है। ढाका प्रखंड के हीरापुर, गुरहनवा, बलुआ, भवानीपुर, दोस्तियां, महंगुआ, अमवा टोला, तेलहारा, बड़हरवा फतेमहम्मद, करमावा, बहलोलपुर, सराठा आदि गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है। सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसलें डूब गयी है. निचले हिस्से में बसे लोगों का पलायन गुरहनवा स्टेशन व मध्य विद्यालय हीरापुर में कर चुके हैं। लोग बाल बच्चों के साथ मवेशियों को लेकर प्लेटफॉर्म व स्कूल पर शरण लिए हैं।

बाढ़ग्रस्त इलाको में फसे लोगो के लिए चिंता जताई। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सचिव रजनीश कुमार सिंह ने अपने पहाड़पुर आवास पर प्रेस वार्ता आयोजित की।  वार्ता में रजनीश कुमार ने नितीश सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। सचिव जी ने चिंता जताते हुए कहा कि कई गांव बाढ़ में डूब गए है, लोगो के घर बर्बाद हो गये हैं लोगों के सर पर छत नहीं है व पशु पक्षियों के लिए चारा भी नहीं है। सरकार को न तो किसानो की चिंता है और न ही बाद पीड़ितों की। श्री रजनीश सिंह जी ने सरकार से बाढ़ पीड़ितों के बैंक खातों में 25,000 की राशि जमा कराने की मांग की है।  यही नहीं जिन लोगो के घर बाढ़ में टूट गए व जो लोग बेघर हो गए उनके सर पर छत देने व बाढ़ पीढ़ितों के खाने-पीने का इंतज़ाम करने की मांग की है। साथ जिन किसानो की फसल बर्बाद हो गयी है उनकी मदद करने की भी अपील सचिव जी ने सरकार से की है।

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