मधेपुरा जिला के घैलाढ़ प्रखंड अंतर्गत भतरंधा परमानपुर पंचायत के वार्ड नंबर 15 के नागरिकों ने गाँव की मुख्य सड़क की बदहाली के विरोध में सड़क पर धान रोपनी कर विरोध दर्ज कराया ।

वार्ड की मुख्य सड़क का बरसात के प्रारंभ होते ही बुरा हाल है । कीचड़ और जलजमाव की वजह से सड़क पर पैदल चलना मुश्किल हो गया है । स्कूल जाने का एकमात्र यही रास्ता है इसलिए हर साल विद्यार्थियों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है । खास कर छात्राओं को बहुत दिक्कत होती है । गंदगी और जलजमाव से यहाँ मलेरिया जैसी बीमारी के फैलने का खतरा भी बना रहता है ।

गाँव के बुजुर्ग बताते हैं कि जब से उन्होंने होश सँभाला है तब से अब तक कभी भी इस गाँव की सड़क नहीं बनी । टूटी-फूटी कच्ची सड़क के सहारे ही गाँव की कई पीढ़ियाँ खप गयी । जनप्रतिनिधियों ने सिर्फ आश्वासन दिया । स्थानीय मुखिया, जिला परिषद, विधायक और सांसद कई बार सड़क बनवाने का वादा कर चुके हैं लेकिन हर बार गाँव के हिस्से में निराशा ही आयी है । सड़क की हालत आज भी जस की तस है ।

यह सड़क झिटकिया पंचायत, बरदाहा पंचायत और भतरंधा परमानपुर पंचायत को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है । यह सहरसा, मधेपुरा और सहरसा जिले के बॉर्डर पर है और एक दूसरे को आपस में जोड़ने वाली सड़क भी है । इसके बावजूद इसके निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों में उदासीनता ही दिखाई ।

बिहार राज्य के खेल मानचित्र पर इस गाँव की अलग पहचान है । यहाँ कई बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन हो चुका है । इसमें राष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी भाग लेते हैं । इसी सड़क से खिलाड़ियों का मार्च पास्ट भी होता है । इस प्रतियोगिता के उद्घाटन और पुरस्कार वितरण समारोह में प्रशासनिक पदाधिकारियों का भी आगमन होता है लेकिन तब भी किसी का ध्यान इस सड़क की और नहीं गया ।

गाँव की 10 हजार की आबादी के लिए बाजार जाने का यह एकमात्र रास्ता है । किसानों को अनाज ढ़ोने और बीमार लोगों को ईलाज के लिए शहर ले जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है । आये दिन गाड़ी फँसने और लोगों के फिसल कर घायल होने की घटना घटते रहती है ।

वार्ड के नागरिकों ने अपना विरोध दर्ज करते हुए कहा कि इस बार सड़क नहीं बनी तो हमलोग वोट का बहिष्कार करेंगे । इस बार हमलोगों ने ठान लिया है कि हमें झूठा आश्वासन नहीं चाहिए ।

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